बाजार पहुँच सहायता हस्तक्षेप 2025
Market Access Support (MAS) Intervention 2025
परिचय
Market Access Support (MAS) Intervention भारत की निर्यात-प्रेरक पहल है जिसका लक्ष्य भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाना है। यह योजना विशेषकर MSMEs को वैश्विक मंच पर पहचान, विपणन सहयोग और नेटवर्किंग अवसर प्रदान करती है, जिससे निर्यात वृद्धि को स्थायी गति मिलती है।
उद्देश्य
- भारतीय निर्यात को बढ़ावा देना
- नए विदेशी बाजारों तक पहुँच बनाना
- विपणन और ब्रांडिंग में सहायता
- निर्यात विविधीकरण को प्रोत्साहित करना
क्रियान्वयन एजेंसी
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT)
- निर्यात संवर्धन परिषदें और उद्योग निकाय
मुख्य घटक
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी सहायता
- ब्रांड प्रचार, मार्केटिंग सामग्री, B2B मीटिंग्स
- बाजार अनुसंधान और क्षमता निर्माण
- खरीदार–विक्रेता मिलान कार्यक्रम
लाभार्थी
- MSMEs, स्टार्टअप्स
- निर्यातक कंपनियाँ
- सेक्टर-विशिष्ट उद्योग समूह
- निर्यात संवर्धन परिषदें
आर्थिक एवं व्यापारिक महत्व
MAS निर्यात आधार का विस्तार, विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और भारत की वैश्विक ब्रांड छवि को मजबूत करता है। यह “Make in India” और “आत्मनिर्भर भारत” को प्रत्यक्ष समर्थन देता है।
चुनौतियाँ
- छोटे निर्यातकों की सीमित जानकारी
- वित्त व लॉजिस्टिक्स बाधाएँ
- वैश्विक मानकीकरण और प्रतिस्पर्धा दबाव
सुधार सुझाव
- डिजिटल प्लेटफॉर्म से पहुँच बढ़ाना
- MSMEs के लिए लक्षित प्रशिक्षण
- आसान वित्त और सेक्टर-विशिष्ट रणनीति
वैश्विक संदर्भ
MAS भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में मजबूत भूमिका निभाने में सक्षम बनाता है, निर्यात विविधीकरण और क्षेत्रीय बाजार प्रवेश को तेज करता है।
FAQs
1. MAS Intervention क्या है?
2. मुख्य लाभ किसे मिलता है?
3. प्रमुख गतिविधियाँ क्या हैं?
4. आर्थिक प्रभाव क्या है?
5. सुधार की दिशा?
निष्कर्ष
Market Access Support (MAS) Intervention भारत की निर्यात रणनीति का आधारस्तंभ है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योग को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
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